चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश फिनटेक और बैंकिंग एजुकेशन में निभाएगी अहम रोल, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन से स्टूडेंट्स को मिलेगा प्रैक्टिकल लर्निंग का फायदाः अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव, सीनियर कंसल्टेंट, टीसीएस

लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी की बिज़नेस और कॉमर्स फैकल्टी ने 2030 में शिक्षा के द्वारा भारत में होने वाले परिवर्तन व देश को सात ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को लेकर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया जिसमें इंडस्ट्री लीडर्स, शिक्षाविद समेत एक्सपर्ट पैनलिस्ट ने भा

JR Choudhary
JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Chief Editor
May 31, 2025 • 6:24 PM  0  0
शिक्षा
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश फिनटेक और बैंकिंग एजुकेशन में निभाएगी अहम रोल, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन से स्टूडेंट्स को मिलेगा प्रैक्टिकल लर्निंग का फायदाः अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव, सीनियर कंसल्टेंट, टीसीएस
“चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश फिनटेक और बैंकिंग एजुकेशन में निभाएगी अहम रोल, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन से स्टूडेंट्स को मिलेगा प्रैक्टिकल लर्निंग का फायदाः अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव, सीनियर कंसल्टेंट, टीसीएस”
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31 May 2025
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश फिनटेक और बैंकिंग एजुकेशन में निभाएगी अहम रोल, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन से स्टूडेंट्स को मिलेगा प्रैक्टिकल लर्निंग का फायदाः अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव, सीनियर कंसल्टेंट, टीसीएस

लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी की बिज़नेस और कॉमर्स फैकल्टी ने 2030 में शिक्षा के द्वारा भारत में होने वाले परिवर्तन व देश को सात ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को लेकर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया जिसमें इंडस्ट्री लीडर्स, शिक्षाविद समेत एक्सपर्ट पैनलिस्ट ने भाग लिया। इस दौरन दो सत्रों में शिक्षा में बदलाव और इकॉनॉमी का फ्यूचर व सात ट्रिलियन डॉलर इकॉनॉमी का रोडमैप जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर भारत में एआई का प्रभाव आने वाले वर्षों में कैसे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा इस पर भी मंथन किया गया। वक्ताओं ने बताया की आने वाले पाँच वर्षों में एआई आधारित नौकरियों में 40 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है। दरअसल इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारत में एआई इंडस्ट्री का आकार वर्ष 2025 के अंत तक 28.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच सकता है। वहीं, सर्विसनाउ और पियर्सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2028 तक एआई से भारत में 28 लाख नई नौकरियाँ उत्पन्न होने की उम्मीद है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए यूपी एआई सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत अगले पाँच वर्षों में 50,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जो भारत में एआई के उज्जवल भविष्य को दर्शाता है। 


चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी द्वारा आयोजित ‘India@2030’ पैनल चर्चा में भाग लेते एक्सपर्ट 

स्टैनफोर्ड एआई इंडेक्स 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत एआई स्किल पेनिट्रेशन में पूरे विश्व में पहले स्थान पर है और 2016 से अब तक इस क्षेत्र में 263 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम भी बन चुका है, जहाँ 1.57 लाख स्टार्टअप्स के माध्यम से अब तक 16 लाख से अधिक नौकरियाँ उत्पन्न हुई हैं। यह सभी आँकड़े दर्शाते हैं कि भारत एआई स्किल्स, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति बनकर उभर रहा है।


स्पीकर्स ने फाइनेंस और कॉमर्स सेक्टर में एआई की भूमिका पर बोलते हुए कहा की, कैसे एआई की मदद से डेटा एनालिसिस, कस्टमर केयर,  धोखाधड़ी की पहचान और निवेश सलाह जैसे कार्य पहले से कहीं अधिक तेज़, सटीक और सुरक्षित हो गए हैं। एआई आधारित चैटबॉट्स और ऑटोमेटेड टूल्स न केवल ग्राहक अनुभव को बेहतर बना रहे हैं, बल्कि जोखिम प्रबंधन और क्रेडिट स्कोरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी अधिक प्रभावी बना रहे हैं। इससे बैंकिंग और वित्तीय सेवाएँ और भी पारदर्शी और कुशल हो रही हैं।

JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Chief Editor

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