डॉक्टर विवेक बिंद्रा की मुलाकात बॉबी राज के साथ: बड़ा भारत शो पर दुनिया को मिलवाया गणित के छोटे सितारे से

बड़ा भारत शो के इस प्रकरण में बिज़नेस गुरु एवं प्रशिक्षक डॉक्टर विवेक बिंद्रा मिले उस शख्स से, जिसका जितना छोटा कद और उम्र है उतना ही बड़ा काम। हम बात कर रहे है छोटे सितारे बॉबी राज की, जो कि बिहार, पटना, में सिर्फ तीसरी कक्षा में पड़ते हैं लेकिन अपने से दुगनी उम्र के बच्चों को गणित पढ़ाते हैं। बॉ

JR Choudhary
JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Chief Editor
Jun 16, 2023 • 3:17 PM  0  0
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डॉक्टर विवेक बिंद्रा की मुलाकात बॉबी राज के साथ: बड़ा भारत शो पर दुनिया को मिलवाया गणित के छोटे सितारे से
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डॉक्टर विवेक बिंद्रा की मुलाकात बॉबी राज के साथ: बड़ा भारत शो पर दुनिया को मिलवाया गणित के छोटे सितारे से

बड़ा भारत शो के इस प्रकरण में बिज़नेस गुरु एवं प्रशिक्षक डॉक्टर विवेक बिंद्रा मिले उस शख्स से, जिसका जितना छोटा कद और उम्र है उतना ही बड़ा काम। हम बात कर रहे है छोटे सितारे बॉबी राज की, जो कि बिहार, पटना, में सिर्फ तीसरी कक्षा में पड़ते हैं लेकिन अपने से दुगनी उम्र के बच्चों को गणित पढ़ाते हैं।

बॉबी राज के बारे में जानें:
बॉबी राज की मानें तो हम सब में कोई ना कोई हुनर छिपा होता है। ज़रूरत है तो सिर्फ उस हुनर को ढूंढ कर उसको निखारने की। उन्होंने कहा कि प्रभु हनुमान को भी जैसे उनकी खोई हुई शक्तियों को याद दिलाने में श्री जांबवंत जी ने मदद करी थी, ठीक वैसे ही उनकी माताजी और पिताजी ने उनको उनके इस हुनर से अवगत कराया, और अब वो आगे बाकी बच्चों की मदद कर रहे हैं अपने YouTube चैनल के द्वारा।
जब उनसे पूछा गया कि खुद तीसरी कक्षा में पढ़ने के बावजूद वो कैसे दसवीं तक के छात्रों को गणित सिखा लेते हैं, तो उन्होंने बताया कि कक्षा एक से दसवीं तक गणित में सिर्फ 30 अध्याय हैं। आपने अगर इन 30 अध्यायों को ठीक से समझ लिया तो गणित आपके लिए बच्चों का खेल रह जायेगा। स्टूडियो में मौजूद हर कोई हंस हंस के लोटपोट हो गया जब बॉबी ने कहा किउन्होंने ये 30 अध्याय ठीक से समझे हैं और अब वो ना सिर्फ दुनिया में किसी भी इंसान को, बल्की डॉक्टर बिंद्रा को भी सिखा सकते हैं।
तीसरी कक्षा में होने के बावजूद वो कैसे दसवीं का गणित जानते हैं, यह पूछे जाने पर बॉबी ने कहा कि वो चुपचाप जा कर उन कक्षाओं में बैठ जाते हैं और जितना समझ सकते हैं समझ लेते हैं। बाकी का ज्ञान उनके अध्यापक पिताजी उनको दे देते हैं।

बॉबी के आदर्श:
बॉबी के अनुसार उनके सबसे बड़े आदर्श हैं मशहूर शिक्षक और प्रशिक्षक श्री फैज़ल खान जिनको लोग खान सर के नाम से जानते हैं। बॉबी खान सर से एक दिन मिल कर उनसे अनुरोध करना चाहेंगे कि वो उनकी scientist बनने में मदद करें। जब डॉक्टर बिंद्रा ने उनसे पूछा यदि वो खान सर से बात करना चाहेंगे तो बॉबी तुरंत राज़ी हो गए। डॉक्टर बिंद्रा ने फिर अपने फ़ोन से खान सर का नंबर मिलाया और बॉबी की बात कराई। फ़ोन पर बॉबी ने खान सर से अनुरोध किया कि वो उनको scientist बनने में मदद करें, जिस पर खान सर तुरंत राज़ी हो गए और उनको अपना आशीर्वाद भी दिया। उन्होंने बॉबी को अपना परिश्रम जारी रखने कि सलाह दी और वादा भी किया कि वो बॉबी से ज़रूर मिलेंगे।
डॉक्टर बिंद्रा ने मशहूर भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का उदाहरण देते हुए बॉबी से पूछा कि जैसे श्री रामानुजन गणित को छोड़ कर बाकी के विषयों में अच्छा ना होने के कारण बारवीं में चार बार असफल हुए थे वैसे ही क्या बॉबी भी सिर्फ गणित में महारत रखते हैं। बॉबी ने थोड़ा शर्माते हुए जवाब दिया कि वो बाकी विषयों में भी ठीक ठाक हैं लेकिन गणित उनका पसंदीदा विषय हैं।
PhysicsWallah के मशहूर श्री अलख पांडेय के शब्दों को दोहराते हुए डॉक्टर बिंद्रा ने कहा कि एक घंटा पढ़ाने के लिए अध्यापक को खुद पांच घंटा पढ़ना पड़ता है। बॉबी ने कहा कि वो किसी को भी पढ़ाने से पहले खुद नहीं पढ़ते क्यूंकि वो वैसे ही दिन में 4-5 घंटे पढ़ते हैं जो कि किसी को पढ़ाने के लिए काफी है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वो एक कठोर शिक्षक हैं जो कि अपने अध्यापकों को गुस्से से सिखाता है, तो बॉबी ने कहा कि वो प्रेरित और उत्साहित करने में विश्वास रखते हैं ना कि गुस्से और मार में। दो पंक्तियों की शायरी में अपनी बात रख देने में माहिर बॉबी ने कहा कि जब लड़ाई अपनों से हो तो हार मान लेनी चाहिए, लेकिन जब जंग अपने आप से हो तो जीतना अनिवार्य है। उनकी इसी तरह की दो पंक्तियों की शायरी को स्टूडियो में मौजूद हर किसी ने तालियों के साथ सराहा।
डॉक्टर बिंद्रा ने पूछा कि उनकी ज़िंदगी में आयी सब मुश्किलों, जैसे कि उनके पिताजी का पोलियो और lockdown में उनकी कोचिंग बंद हो जाने के बावजूद बॉबी कैसे इतना सब कर लेते हैं।बॉबी ने कहा कि उनके माताजी और पिताजी उनको उत्साहित करते हैं और पढ़ाई में भी उनकी मदद करते है।वो दिन में सिर्फ 2 ही घंटे के लिए अपने पिताजी के फ़ोन पर अपना पसंदीदा कार्टून और movies देखते हैं।

JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Chief Editor

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