देवासी दर्पण न्युज- जामताराम आल
जालौर/मुम्बई: देवासी दर्पण पब्लिकेशन ग्रुप द्वारा प्रकाशित 'देवासी दर्पण' पुस्तका समुचे क्षैत्रो के गांव-गांव ढाणी-ढाणी पहुँचेगी। देवासी दर्पण के संकलनकर्ता वचनाराम आल ने बताया कि दर्पण में समाज की खोजी त्वरीत समाज हितार्थ के लिऐ ऐतिहासिक बातो को उल्लेख किया गया हे।
आल ने बताया कि आज हाईटेक युग में चारो और विकास की लहर चल रही हे। वहीं अपने देवासी समाज की युवा पीढी भी इस विकास की दौढ में कदम बढा रही हे। समाज के अग्रणीय लोगो द्वारा खुशनुमा माहौल बनाया जा रहा हे। आज समाज के युवा शिक्षा, व्यवसाय और राजनैतिक के क्षैत्र में आगे बढ रहा हे वैसे यह खबर सुनकर खुशी होती हे लेकिन परदे को हटाकर देखे तो हकीकत कुछ और ही प्रतीत होती है। समाज के शिक्षित लोगो द्वारा समय-समय पर समाज में व्याप्त कुरुतियौं को मिटाने के लिऐ कई मर्तबा आवाज भी उठाई जाती हे वहीं इन कुरुतियौं के पनपने का कारण अशिक्षा बताया जाता हे परंतु इन कारणो से नजर उठाकर आंकलन करे तो क्या ये बुराईयां कम हुई?
जिस प्रतिशत में शिक्षित में शिक्षित युवाऔ की संख्या बढी हे क्या उस तुलना में बुराईयो का अंत हुआ है तो जबाव में ना ही मिलेगा। हमारे युवा इसका कारण कागजी फार्मूले सुझाते हे। जैसा कि युवा पीढी तर्क देती है। समाज के पिछङेपन का कारण अशिक्षा हे और यह काफी हद तक सही भी हे। शिक्षा से ही समाज का विकास होगा। आज हर जगह-जगह देवासी समाज में शिक्षा की अलख जगाने के लिऐ विभिन्न संगठनो व संस्थाऔ के द्वारा राज्य स्तरीय सम्मेलन करवाऐ जा रहे हे। जिसमें महत्वपूर्ण बिंदु 'शिक्षा' पर जोर दिया जा रहा हे।
देवासी दर्पण सेवा संस्थान के द्वारा तीन सफलतम् जालौर जिले के भीनमाल, सांचौर, रानीवाङा, सरवाना में राज्य स्तरीय महासम्मेलन भी करवाऐ गऐ हे। अब यह देवासी दर्पण टीम गांव-गांव ढाणी-ढाणी डोर-डु-डोर पहुँचेगी।
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