दोष-आधारित खिचड़ी से मेट्रो टेकअवे तक: Café Swasthya के आधुनिक आयुर्वेद मॉडल की कहानी

ऐसे खाद्य बाज़ार में, जहाँ कोल्ड-प्रेस्ड जूस और क्विनोआ बाउल को अक्सर वेलनेस के नाम पर परोसा जाता है, Café Swasthya एक ऐसी परंपरा पर दांव लगा रहा है जो कहीं अधिक पुरानी है

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NewsDesk Verified Media or Organization • 28 May, 2026 Editor
Aug 13, 2026 • 5:01 PM | New Delhi  1  0
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दोष-आधारित खिचड़ी से मेट्रो टेकअवे तक: Café Swasthya के आधुनिक आयुर्वेद मॉडल की कहानी
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दोष-आधारित खिचड़ी से मेट्रो टेकअवे तक: Café Swasthya के आधुनिक आयुर्वेद मॉडल की कहानी
दोष-आधारित खिचड़ी से मेट्रो टेकअवे तक: Café Swasthya के आधुनिक आयुर्वेद मॉडल की कहानी

नई दिल्ली,13 अगस्त : ऐसे खाद्य बाज़ार में, जहाँ कोल्ड-प्रेस्ड जूस और क्विनोआ बाउल को अक्सर वेलनेस के नाम पर परोसा जाता है, Café Swasthya एक ऐसी परंपरा पर दांव लगा रहा है जो कहीं अधिक पुरानी है और जिसकी नकल करना शायद उतना आसान नहींआयुर्वेद, जिसे ऐसे मेन्यू में ढाला गया है जिसे आप अपने लंच ब्रेक के दौरान भी ऑर्डर कर सकते हैं।

कैफ़े का पहला आउटलेट 16 जनवरी 2025 को गुरुग्राम में खुला था और लगभग ठीक एक साल बाद दूसरा आउटलेट दिल्ली में शुरू किया गया। यह Butterfly Ayurveda का फूड-सर्विस विस्तार हैवही वेलनेस ब्रांड जिसे अक्षी खंडेलवाल ने 2014 में स्थापित किया था। इससे एक वर्ष पहले उन्होंने कंपनी की आंतरिक आयुर्वेदिक अनुसंधान एवं विकास इकाई तैयार की थी।

एक दशक से अधिक समय में इस R&D प्रयास ने 50 से ज्यादा स्वामित्व-आधारित फॉर्मूलेशन विकसित किए हैं, जिनमें हर्बल चाय, अलग-अलग दोषों के अनुरूप कुकीज़ और आयुर्वेदिक औषधियाँ शामिल हैं। Café Swasthya वह जगह है जहाँ यह बैकएंड विज्ञान ग्राहकों के लिए प्रत्यक्ष डाइनिंग अनुभव में बदलता हैऔर यहीं से ब्रांड की असली परीक्षा भी शुरू होती है।

Café Swasthya किस समस्या को हल करने की कोशिश कर रहा है

शहरी भारत में आयुर्वेद लंबे समय से अपनी छवि से जुड़ी एक समस्या का सामना करता रहा है। इसे अक्सर धीमा, औषधीय और असुविधाजनक माना जाता हैऔर ये तीनों बातें महानगरीय भागदौड़ तथा मेट्रो से आने-जाने वाली जीवनशैली के अनुकूल नहीं बैठतीं।

NewsDesk Verified Media or Organization • 28 May, 2026 Editor

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