एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड ने लगातार तीसरे वर्ष हासिल किया ग्रेट प्लेस टू वर्क® सर्टिफिकेशन
यह मान्यता कर्मचारियों के विश्वास, जुड़ाव और कल्याण पर आधारित कार्य-संस्कृति के निर्माण पर एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के निरंतर फोकस को दर्श...
यह मान्यता कर्मचारियों के विश्वास, जुड़ाव और कल्याण पर आधारित कार्य-संस्कृति के निर्माण पर एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के निरंतर फोकस को दर्शाती है।
नई दिल्ली, 2 नवंबर : भारत की अग्रणी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों में से एक, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड (एलजीई इंडिया) ने लगातार तीसरे वर्ष ग्रेट प्लेस टू वर्क® सर्टिफिकेशन™ हासिल किया है। कार्य-संस्कृति और कर्मचारियों के अनुभव का आकलन करने वाली वैश्विक संस्था ग्रेट प्लेस टू वर्क® ने एलजीई इंडिया को यह सर्टिफिकेशन ट्रस्ट इंडेक्स™ सर्वे के माध्यम से प्राप्त कर्मचारियों के फीडबैक और कार्य-संस्कृति के मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया है। कर्मचारियों के दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर किया गया यह मूल्यांकन इस बात की गहरी जानकारी देता है कि विश्वास, जुड़ाव और कार्यस्थल का दैनिक अनुभव किसी भी संगठन की संस्कृति को कैसे आकार देते हैं।
2023 में पहली बार सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के बाद, एलजीई इंडिया ने कर्मचारी अनुभव, कार्यस्थल संस्कृति और पेशेवर विकास को बढ़ावा देने वाले माहौल पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस मान्यता को और भी मजबूत किया है। यह मान्यता जॉब मार्केट में बेहतरीन टैलेंट को अपने साथ जोड़ने में आगे भी मदद करेगी और इससे शेयरधारकों का विश्वास भी बढ़ेगा।
इस उपलब्धि पर बात करते हुए, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री होंग जू जियोन ने कहा, “लगातार तीसरे वर्ष ग्रेट प्लेस टू वर्क® सर्टिफिकेशन हासिल करना एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की प्रगतिशील एचआर नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होने के साथ-साथ इसका एक प्रमुख प्रमाण भी है। एक मजबूत संगठन के निर्माण और हमारे दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के केंद्र में हमारे लोग ही हैं। हमारा मानना है कि विश्वास, सम्मान और सहयोग पर आधारित संस्कृति हमारे कर्मचारियों को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने और अपनी क्षमता पहचानने के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करती है। यह मान्यता अपने कर्मचारियों की बात सुनने और एक ऐसा कार्यस्थल विकसित करने के हमारे निरंतर फोकस को दर्शाती है, जहाँ व्यक्तिगत विकास और संस्थागत प्रगति दोनों साथ-साथ चलते हैं।”