डिब्बर इंडिया और एमईपीएससी ने ‘इंटरनेशनल एजुकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के लिए किया समझौता

भारत प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के एक नए युग की दहलीज पर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर द फाउंडेशनल स्टेज भारत में बच्चे के शुरुआती और सबसे रचनात्मक वर्षों को देखने के नजरिए को बदल रहे हैं।

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NewsDesk Verified Media or Organization • 28 May, 2026 Editor
Sep 24, 2026 • 2:47 PM | New Delhi  0  0
शिक्षा
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डिब्बर इंडिया और एमईपीएससी ने ‘इंटरनेशनल एजुकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के लिए किया समझौता
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डिब्बर इंडिया और एमईपीएससी ने ‘इंटरनेशनल एजुकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के लिए किया समझौता
डिब्बर इंडिया और एमईपीएससी ने ‘इंटरनेशनल एजुकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के लिए किया समझौता

नई दिल्ली : भारत प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के एक नए युग की दहलीज पर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर द फाउंडेशनल स्टेज भारत में बच्चे के शुरुआती और सबसे रचनात्मक वर्षों को देखने के नजरिए को बदल रहे हैं। अब खेल, अन्वेषण, अनुभव और विकास के अनुकूल सीखने की प्रक्रिया शिक्षा के केंद्र में हैं।

बच्चों के सीखने के इस नए दृष्टिकोण के लिए उन शिक्षकों के नजरिए में भी बदलाव की आवश्यकता है जो इस शिक्षा को आकार देते हैं।

भारत में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की अगली छलांग केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि इन नन्हें बच्चों को क्या पढ़ाया जाता है, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि शिक्षक उनके पहले सवालों को कैसे प्रेरित करते हैं, उनकी जिज्ञासा को कैसे पोषित करते हैं और उनके सीखने के शुरुआती अनुभवों को आकार देकर उन्हें जीवन भर सीखने की यात्रा के लिए कैसे तैयार करते हैं। इसके लिए ऐसे शिक्षकों की एक नई पीढ़ी की आवश्यकता है जो पेशेवर रूप से तैयार, कक्षा के लिए सक्षम, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार हों। ये शिक्षक बाल विकास के केवल सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़कर सार्थक अनुभवों, उद्देश्यपूर्ण बातचीत, खेल, अन्वेषण और उत्तरदायी शिक्षण के माध्यम से इसे व्यवहार में लाना जानते हों।

डिब्बर इंडिया की हेड ऑफ एकेडमिक्स, दीपा पिल्लई ने कहा, “एक सुसज्जित प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षक की पहचान केवल इस बात से नहीं होती कि वह क्या जानता है, बल्कि इस बात से होती है कि वह उस ज्ञान को कक्षा में कितनी समझदारी से लागू करता है। DIETP के माध्यम से, एमईपीएससी के साथ हमारा सहयोग हमें प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की मजबूत नींव को संरचित कौशल विकास और व्यावहारिक उपयोग के साथ जोड़ने की अनुमति देता है। हम चाहते हैं कि शिक्षक इस कार्यक्रम से केवल एक योग्यता लेकर न निकलें, बल्कि आत्मविश्वास, पेशेवर निर्णय लेने की क्षमता और एक ऐसी सोच लेकर जाएं जिससे वे अपने पूरे करियर में सीखते, ढलते और आगे बढ़ते रहें।”

NewsDesk Verified Media or Organization • 28 May, 2026 Editor

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