केपेम (गोवा), 24 अक्टूबर : पारूल विश्वविद्यालय गोवा की स्वास्थ्य सेवा संचालनालय (डीएचएस), गोवा के साझेदारी के तहत अक्तूबर 2026 में गोवा के पूरे राज्य में फिजिओथेरपी और पुनर्वास केन्द्रों का उनकी सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के साथ शुभारम्भ किया गया| इस गतिविधि का शुभारम्भ मार्गाव के दक्षिण गोवा जिला रुग्णालय के सभागार में हुए शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुआ| पुनर्वास सेवाओं को मजबूती देने के साथ फिजिओथेरपी देखभाल में सुधार करना और गोवा राज्य भर में‌ स्वास्थ्य देखभाल सेवा का विस्तार करना, यह इस पहल का उद्देश्य है|

इस अवसर पर पारूल एज्युकेशन फाउंडेशन के निदेशक डॉ. देवांशू पटेल, गोवा सरकार के स्वास्थ्य सचिव श्री. यतीन्द्र एम. मारळकर, गोवा में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. सलीना नाईक और राज्य के स्वास्थ्य देखभाल प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकरी तथा नेता एवम् पारूल विश्वविद्यालय, गोवा के कई शैक्षिक प्रतिनिधि भी सम्मीलित हुए|

इस पहल के तहत फिजिओथेरपी क्लिनिक्स का शुभारंभ मार्गाव के दक्षिण गोवा जिला रुग्णालय में किया गया| साथ ही बाल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और काणकोण में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी निर्माण किया गया| इन केन्द्रों में समुदाय के करीब वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में समावेश के द्वारा फिजिओथेरपी और पुनर्वास सेवाएँ दी जाएंगी| इनकी निर्मिति के द्वारा क्षति से ठीक हो रहे, मोबिलिटी की चुनौतियों का सामना करनेवाले तथा काम करने में स्वतन्त्रता और सुधार की आवश्यकता होनेवाले रुग्णों के उपयोग के लिए उचित पुनर्वास सुविधाओं की आवश्यकता अधोरेखित हो जाएगी तथा उनके जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए उपयोगी सिद्ध होगी|

इस पहल में नर्सिंग, फिजिओथेरपी और उपयोजित और स्वास्थ्य विज्ञान के पारूल विश्वविद्यालय, गोवा के 350 से अधिक छात्रों ने भी सहभाग लिया| इस शपथ के द्वारा छात्रों ने उनके हर रोज के व्यवहार में, व्यावसायिक निर्णयों में और उन पर विश्वास रखनेवाले हर एक के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की|

 

इस अवसर पर संवाद करते हुए पारूल एज्युकेशन फाउंडेशन के निदेशक डॉ. देवांशू पटेल ने कहा, “जिन लोगों को सबसे अधिक आवश्यकता होती है, उन तक जब स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचती हैं, तभी वह सार्थक होती है| सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में फिजिओथेरपी और पुनर्वास सेवाओं की उपलब्धता बढ़े, इसके लिए हम गोवा के स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के साथ काम का रहे हैं| इस

प्रकार ये सेवाएँ स्थानीय समुदायों को आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी| शैक्षिक योग्यत और स्वास्थ्य देखभाल की धरातल की आवश्यकताओं के बीच होनेवाले अन्तराल को दूर करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता इसमें अधोरेखित होती है और सार्थक कार्य द्वारा समाज को सेवा देने के लिए भविष्य में स्वास्थ्य कर्मियों को मंच देने का भी यह प्रयास है|”

इस समारोह में स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदेश मदाईकर, पीएचसी खोरलिम के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. केदार राईकर, दक्षिण गोवा जिला रुग्णालय के चिकित्सा सुपरइंटेंडंट डॉ. राजेन्द्र बोरकर, पारूल विश्वविद्यालय गोवा के व्हाईस चँसेलर डॉ. ललित लता झा, विशेष दायित्व अधिकारी डॉ. राजेन्द्र देसाई, स्वास्थ्य मंत्रि के सलाहकार मिस. फ्रेझेला डी एरायुजो और डॉ. गीता देशमुख, सीएचसी काणकोण के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जोसे टॅव्हारेस, पीएचसी बाल्ली के चिकित्सा अधिकारी डॉ. बेनेडिटा डायस और पारूल विश्वविद्यालय गोवा के निदेशक, सामान्य प्रशासन अजय यादव भी उपस्थित थे| विश्वविद्यालय के शैक्षिक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व पारूल फिजिओथेरपी महाविद्यालय के डीन डॉ. असीम यादव, पारूल कॉलेज ऑफ अलाईड अँड हेल्थ सायन्सेस के डीन डॉ. अनुपम कुमार, पारूल कॉलेज ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. जयालक्ष्मी के और अन्य गणमान्य विद्वान और मान्यवर हस्तियों ने किया|

 

इस पहल में सहभाग के उनके अनुभव पर छात्रों ने अपने विचार रखे और क्लासरूम के बाहर सीखने का महत्त्व बताया तथा लोगों के जीवन में सुधार के लिए स्वास्थ्य कर्मी जो भुमिका अदा करते हैं, उसके बारे में बात की| “इस पहल का हिस्सा बन कर मै यह जान पायी कि जिन लोगों को आवश्यकता होती है, उन तक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ देना कितना महत्त्वपूर्ण है| लोगों को रिकवर होने में और उनके जीवन में सुधार करने के लिए फिजिओथेरपी और उनर्वास किस तरह अहम होते हैं, इसे समझने का यह अच्छा अवसर और अनुभव था|” ऐसा सानवी मारळकर ने कहा जो फिजिओथेरपी फैकल्टी में पहले वर्ष की छात्रा है|

इस अनुभव के बारे में बात करते हुए, फिजिओथेरपी फैकल्टी के अन्य छात्र शिवराज कोडलकर ने कहा, “करीब से सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली देखने का यह एक अवसर हमें मिला| भविष्य में स्वास्थ्य कर्मी होना सिर्फ रुग्णों पर उपचार करना ही नही है, बल्की उनकी आवश्यकताएँ समझना, साथ काम करना और अधिक लोगों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल उपलब्ध होने में सहायता करना भी है|”

यह शुभारम्भ शिक्षा संस्थान और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरणों के सहयोग के द्वारा समुदाय आधारित स्वास्थ्य देखभाल को मजबूती देने के पारूल विश्वविद्यालय, गोवा और स्वास्थ्य सेवा संचालनालय की साझी प्रतिबद्धता को दर्शाता है| पुनर्वास को अधिक आसानी से उपलब्ध कराने के लिए इस परियोजना में जिला, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में फिजिओथेरपी क्लिनिक्स खड़े किए जाएंगे तथा पूरे गोवा राज्य में सर्वांगीण रुग्ण देखभाल में फिजिओथेरपी की भुमिका को अधिक मजबूत किया जाएगा|