जालोर. जिला जालोर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत विभिन्न थानों में जब्तशुदा मादक पदार्थों का निस्तारण किया है। 13 अगस्त 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार माननीय न्यायालयों से इन्वेंट्री करवाकर कुल 14 प्रकरणों के पेंडिंग मालखाना का निस्तारण पूरा किया गया।

यह प्रक्रिया जिला पुलिस अधीक्षक श्री शैलेन्द्र सिंह इन्दोलिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिला औषधि व्ययन समिति के सदस्यों की उपस्थिति में गांव आड़वाड़ा स्थित फायरिंग रेंज पर थानाधिकारियों एवं मालखाना प्रभारियों के सामने जब्तशुदा माल को जलाकर नष्ट किया गया।

निस्तारण में शामिल अधिकारी और प्रक्रिया

प्रेस नोट में बताया गया कि निस्तारण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जालोर मोटाराम गोदारा, उपनिरीक्षक अपराध सहायक पुलिस अधीक्षक कार्यालय जालोर गनी मोहम्मद तथा सहायक उपनिरीक्षक एफएसएल शाखा महेन्द्रसिंह मौजूद रहे।

धारा 52ए एनडीपीएस एक्ट के तहत इन्वेंट्रीशुदा प्रकरणों के मालखाना आइटम (अवैध मादक पदार्थ) को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए नष्ट किया गया। पुलिस नियंत्रण कक्ष जालोर द्वारा जारी प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया कि यह निस्तारण न्यायालय आदेशों के अनुरूप किया गया।

नष्ट किये गए मादक पदार्थों का विवरण

कुल 14 प्रकरणों में निम्नांकित जब्तशुदा माल का निस्तारण किया गया:

  1. डोडा पोस्त — वजन 06 क्विंटल 28 किलो 492 ग्राम
  2. स्मैक — वजन 89 ग्राम 37 मिलीग्राम
  3. एमडी — वजन 502 ग्राम 94 मिलीग्राम
  4. गांजा — वजन 06 किलो 051 ग्राम
  5. अफीम के पौधे — वजन 06 किलो 971 ग्राम

इनमें सबसे अधिक मात्रा डोडा पोस्त की रही। स्मैक और एमडी जैसी छोटी लेकिन अधिक मूल्यवान मात्रा भी नष्ट की गई।

जालोर जिले के विभिन्न थानों में समय-समय पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की बरामदगी होती रहती है। न्यायालय से इन्वेंट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद मालखाना में पड़े माल का निस्तारण कानूनी आवश्यकता है। इस प्रक्रिया से मालखाना खाली होता है और जब्तशुदा पदार्थों के दुरुपयोग की संभावना समाप्त होती है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी सार्वजनिक की है। निस्तारण के दौरान थानाधिकारियों और मालखाना प्रभारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।