फिल्म ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ में देश की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति की झलक

 


फिल्म ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ का फिल्मांकन और उसकी कहानी कई मायनों में एक सिनेमाई क्रांति लाएगी। यह पांच अलग-अलग दिलचस्प और बेहतरीन कहानियों पर आधारित है, जो आपस में संबंधित है। इसे चंदेरी जैसे छोटे से शहर  की पृष्ठभूमि में स्थापित किया गया है। यह फिल्म एक मिश्रित कहानियों को कहने का एक अनोखा और साहसिक मार्ग है। इस कथा का मूल बुन्देलखंड में चंदेरी नाम का एक छोटा सा शहर है, जो भारत के मध्य प्रदेश राज्य में फैला एक पहाड़ी इलाका है। बुन्देलखण्ड अपनी भौगोलिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए लोकप्रिय है। इतिहास इस बात के उदाहरणों से भरा पड़ा है कि कैसे इस क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक विशेषताएँ पूरे देश को ताकत देती हैं। फिल्म की पांच कहानियां वास्तविक घटनाओं पर आधारित हैं। इस फिल्म की कहानी विचारोत्तेजक है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। सिनेमैटोग्राफी शानदार है और फिल्म का संगीत बेहद मधुर और सुखद जो निश्चित रूप से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। फिल्म निर्माता इसे बेहतरीन एक मनोरंजक फिल्म का उदाहरण मानते हैं। जो भारतीय सांस्कृतिक लोकाचार, इतिहास, विरासत और परंपराओं पर ध्यान केंद्रित करने के साथ साथ राष्ट्र निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगी। फिल्म में बड़ी बारीकी के साथ तथ्यों को सही माध्यम से दर्शाया गया है।

अभिनेता बृजेंद्र काला ने वर्षों से अपने शानदार अभिनय से प्रशंसकों का दिल जीता है, उनके साथ पूर्वा पराग, उमेश बाजपेयी, सागर वाही, सारिका भरोलिया, माही सोनी, कुरांगी नागराज, हरवीर मलिक और रुहाना खन्ना भी शामिल हैं।

आगामी फिल्म ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ के प्रचार प्रसार करने का अनूठा तरीका देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। और सबसे विशेष बात यह है कि फिल्म देखने पर मालूम चलेगा कि इसमें दर्शकों के लिए एक सरप्राइज है। दर्शकों की भारी भीड़ के लिए आकर्षक पुरस्कार है जिसका फैसला लकी ड्रा से किया जाएगा। जो किसी भाग्यशाली दर्शक को प्राप्त होगा। दर्शक रचनात्मक और सुस्वादु सामग्री का आनंद प्राप्त कर सकेंगे, जो भारत की समृद्ध ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत और गौरव का सच्चा प्रदर्शन करेगी। निस्संदेह, प्रत्येक स्क्रीनिंग में तीन लकी ड्रा और बम्पर पुरस्कार जीतने का अवसर दर्शकों को प्राप्त होगा जिससे दर्शक अवश्य रोमांचित होंगे। विजेता को ना केवल एक उपयोगी पुरस्कार प्राप्त होगा बल्कि कुछ पुरस्कार उनकी पहुंच और सोच से ज्यादा आकर्षक होंगे। फिल्म प्रचार प्रसार का यह अनूठा तरीका केवल दर्शकों का ध्यान अच्छे सिनेमा की ओर आकर्षित करना है अन्यथा फिल्म का प्रचार प्रसार करने के लिए अच्छी बजट और बड़े अभिनेता ही काफी होते हैं। प्रोडक्शन हाउस का मूल उद्देश्य भारत के ग्रामीण इलाकों में सिंगल स्क्रीन में नई जान फूंकना भी है। यह प्रयास भारत के विभिन्न क्षेत्रों में सिनेमा की असाधारण प्रतिभा और रचनात्मकता के विकास के लिए एक बहुत जरूरी मंच विकसित करेगा और लोगों को प्रोत्साहित करेगा।

निर्माताओं ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक नया कीर्तिमान बनाने के लिए वितरकों, थिएटर मालिकों, उत्पाद निर्माताओं और दर्शकों के साथ मिलकर नया काम किया है। निर्माताओं को आशा है कि इस प्रयास से पूरे विश्व के सिनेमाओं में नया बदलाव आएगा।इस फिल्म से पूरे परिवार के साथ मनोरंजन का आंनद और सिनेमा की जादुई दुनियां को देखने का बढ़ावा मिलेगा। छोटे बजट के असाधारण कंटेंट निर्माताओं और अद्भुत क्षेत्रीय प्रतिभाओं को एक नया और योग्य स्थान मिलेगा। यह अभियान उन वितरकों और स्क्रीन मालिकों के बीच विश्वास हासिल करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास करता है जो अच्छी फिल्मों का प्रदर्शन करने में स्वाभाविक रूप से झिझकते हैं।

यह कठिन प्रयास दर्शकों, निर्माताओं, वितरकों, सिनेमा मालिकों और अन्य लोगों को आगे बढ़ने का मौका देगा।

निर्माता यह भी उजागर करना चाहते हैं फिल्म प्रचार प्रसार की इस नई रणनीति से कई लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। फिल्म पंचकृति की रिलीज पर दर्शक ध्यान दें, इसमें उन्हें उपहार पाने के अवसर मिलेंगे, जिसे वे प्रसन्नता से अपने घर ले जा सकेंगे।

बृजेन्द्र काला फिल्म के मुख्य पात्रों में एक हैं। वह एक प्रशंसित अभिनेता हैं। काला कहते हैं कि ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ में कई लोकप्रिय और बड़े कलाकार शामिल है। पांच अलग-अलग कहानियों को अनावश्यक तत्वों के बिना, रचनात्मक रूप से एक सकारात्मक पारिवारिक-मनोरंजन फिल्म में एक साथ पिरोया गया है, जो शहरी और ग्रामीण दर्शकों को बेहद पसंद आएगा।

इस अनूठी फिल्म का निर्देशन संजाॅय भार्गव ने किया है। संजाॅय कहते हैं कि हम फिल्म के माध्यम से अपनी भारतीय परंपरा और संस्कृति पर एक विशेष संदेश देना चाहते हैं जो सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन विरासत को प्रतिबिंबित करती है। फिल्म की सभी पांच कहानियां हमें सोचने पर विवश कर देगी कि हम अपने भारतीय पारंपरिक दैनिक जीवन में कहाँ और कैसे रहते हैं? और क्या करते हैं? यह मानवीय है और किसी भी अंधविश्वास पर आधारित नहीं है। फिल्म में अनुभवी कलाकारों को लिया गया है, कहानी का फिल्मांकन करते समय फिल्म को प्रभावी और सशक्त बनाने के लिए और अभिनय को वास्तविक रूप प्रदान करने के लिए बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पडा है।

फिल्म की निर्माता हरिप्रिया भार्गव का कहना है कि उन्होंने हमारी समृद्ध विरासत, रीति-रिवाजों, परंपराओं और भारतीय ग्रामीण जीवन शैली से प्रभावित होकर यह कहानी बनाई है। वह आगे कहती हैं कि यह फिल्म भारत के दूर दराज क्षेत्रों में रहने वाले उभरते प्रतिभाशाली कलाकारों को काम करने का मौका और नई पहचान दिलाती है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी शामिल होती हैं जो दिल से इस कन्टेन्ट का समर्थन करती हैं। साथ ही फिल्म प्रचार की रणनीति थिएटर मालिक और वितरकों को भी मौका देती है। हरिप्रिया बेहद खुश हुई कि इस फिल्म की कुछ कहानी महिलाओं पर केंद्रित है।

फिल्म ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ प्रेम से अभिभूत और हृदय को छू लेने वाले आध्यात्मिक गीतों का समावेश है। संगीत राजेश सोनी द्वारा रचित है, फिल्म का संगीत दर्शकों के दिल को अवश्य छू लेगा।

‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ पूरी तरह से मध्यप्रदेश में फिल्माई गई है, जिसमें स्थानीय कलाकारों और सहायक कलाकारों को काम पर रखा गया है। फ़ोटोग्राफ़ी मध्य प्रदेश के ऐसे रमणीय और अनछुए प्राकृतिक दृश्यों को चित्रित करती है जो पर्यटन को बढ़ावा देने मे सहायक होंगे।

‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ का निर्माण उबॉन विजन प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले हरिप्रिया भार्गव और संजॉय भार्गव द्वारा किया गया है।

यह फिल्म मानसून सीज़न में भारत भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। निर्माता, निर्देशक और प्रमोटर देशभर में व्यापक स्तर पर फिल्म के लिए कार्य कर रहे हैं।

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