Trending

महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण के लिए वूमन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म व ट्रांसयूनियन सिबिल ने शुरू किया प्रोग्राम 'सहर'

साणंद (गुजरात) मुख्यालय वाली ममता मशीनरी लिमिटेड ने सेबी के समक्ष दाखिल किया ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी)

नेक्स्ट भारत वेंचर्स – सुजुकी की पहल, भारत के उद्यमियों को सशक्त बनाने और नेक्स्ट बिलियन भारतीयों की समस्याओं का समाधान करने के लिए 340 करोड़ रुपये का फंड लॉन्च

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स लिमिटेड ने सेबी के पास दाखिल किया ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी)

जानी-मानी कैंसर विशेषज्ञ डॉ. (प्रोफेसर) ज्योति बाजपेयी ने लीड-मेडिकल एंड प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी (मुंबई और महाराष्ट्र क्षेत्र) के रूप में अपोलो कैंसर सेंटर ज्वॉइन किया।

सांचौर में घुसा पानी,विश्व की सबसे विराट गौशाला भयंकर संकट में



सांचोर/जालोर। विश्व विख्यात गोशाला श्रीपथमेडा में भंयकर बाढ के हालात पैदा हो गये हैं। हजारों गोवंश में अफरा-तफरी का माहौल है।गोवंश के बाडों में चारों तरफ जल प्रलय के दृश्य नजर आ रहे हैं।
गोधाम पथमेडा के संरक्षक संत परम पूज्य गोविन्द बल्लभदासजी महाराज एवं नंददासजी महाराज के नेतृत्व में सैंकडों गोसेवक एवं ग्वाले अथक प्रयासों में जुटे हैं,परन्तु वर्षा और बाढ के हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि गोवंश के लिए लगभग कोई भी क्षेत्र व बाडा सुरक्षित नहीं रहा हैं। ठीक इसी प्रकार के हालात पथमेडा संचालित संसार की सबसे बडी नंदीशाला गोलासन में भी बनते जा रहे हैं,जहाँ लगभग 14 हजार कमजोर,वृद्ध व बीमार आदि नर गोवंश है और वो पूरा गोवंश पानी से घिरता जा रहा हैं।
इस संकट की घडी में पथमेडा संरक्षक श्री गोविन्द बल्लभदास महाराज ने क्षेत्र के गोभक्तों-गोसेवकों से एकजुट भाव से गोसेवा का आहवान किया है।उन्होंने प्रशासन-सरकार से तत्काल दवाओं,घास-चारा, पौष्टिक आहार, पशु चिकत्सकों की टीमों,पानी निकासी एवं पानी से बचाव उपकरणों आदि उपायों की बडे स्तर पर सहयोग की आवश्यकता जताई है।
मुख्य बिन्दू:-
(1) विश्व की सबसे बडे गोसेवा-गोरक्षा केंद्र श्रीपथमेडा गोधाम महातीर्थ में बाढ से चिंताजनक हालात। पाँचला बाँध टूटने से हजारों गोवंश के प्राण संकट में!
(2) पथमेडा संचालित विश्व प्रसिद्ध गोलासन नंदीशाला के बाडों में भी मुसलधार वर्षा से हालात बेकाबू।
(3) संत-साधक और गोसेवक जुटे हैं गोवंश को सुरक्षित बचाने में परन्तु विपदा इतनी विकट है कि प्रशासन को सहयोग में तत्काल आना होगा अन्यथा हजारों गोवंश के प्राण है संकट में।
(4) गोवंश हेतु घास-चारा व पोष्टिक आहार का अभाव और जो है वो भी लाख प्रयासों बाद भी अतिवृष्टि से हो रहा है खराब!
(5) पथमेडा गोशाला और गोलासन नंदीशाला में गोवंश में गंभीर बीमारियाँ फैलने की आशंका,दवाईयों एवं चिकत्सकों की है कमी,सरकार तत्काल भारी मात्रा में दवायें एवं डाक्टरों की टीमें करे नियुक्त!
(6) पथमेडा,गोलासन गोशालाओं के मार्ग अवरूद्ध, घास चारा,दवाएं व पौष्टिक आहार आपूर्ति ठप्प, बाहर से भी चारा सहित सभी वस्तुओं की आवक हो रही है बंद। प्रशासन तत्काल इन दोनों विशाल गोसेवा केंन्द्रों के लगभग 25 हजार गोवंश को बचाने के लिए तुरन्त उठाए वृहद राहत कदम ,तभी गोवंश को बचाना होगा संभव।
(8) उल्लेखनीय है कि पथमेडा में पहले से ही बडी संख्या में गोवंश बीमार,दुर्घटनाग्रस्त,बुढा व कमजोर है और ऊपर से इस प्राकृतिक मार से हालात बेकाबू हो सकते हैं।अत:प्रशासन को समय रहते त्वरित सहयोग में आगे आना जरूरी है।
(9)वर्षा व बाढ के इस बार के हालात 2015 से भी कहीं भयावह है।

Post a Comment

Previous Post Next Post

Contact Form