Trending

महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण के लिए वूमन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म व ट्रांसयूनियन सिबिल ने शुरू किया प्रोग्राम 'सहर'

साणंद (गुजरात) मुख्यालय वाली ममता मशीनरी लिमिटेड ने सेबी के समक्ष दाखिल किया ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी)

नेक्स्ट भारत वेंचर्स – सुजुकी की पहल, भारत के उद्यमियों को सशक्त बनाने और नेक्स्ट बिलियन भारतीयों की समस्याओं का समाधान करने के लिए 340 करोड़ रुपये का फंड लॉन्च

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स लिमिटेड ने सेबी के पास दाखिल किया ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी)

जानी-मानी कैंसर विशेषज्ञ डॉ. (प्रोफेसर) ज्योति बाजपेयी ने लीड-मेडिकल एंड प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी (मुंबई और महाराष्ट्र क्षेत्र) के रूप में अपोलो कैंसर सेंटर ज्वॉइन किया।

भवन निर्माण के कार्यो पर सतत निगरानी आवश्यक- कलक्टर


रमसा की जिला निष्पादक समिति की बैठक सम्पन्न

जालोर 28 जून  -   जिला कलक्टर एल.एन. सोनी ने कहा कि रमसा के तहत जिले मेंं निर्माणाधीन भवनों के कार्य गुणवत्ता पूर्ण होने के साथ ही इनका निर्माण निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित किया जाना चाहिए तथा इसके लिए कार्यो का प्रभावी निरीक्षण आवश्यक है।          

                 

जिला कलक्टर एल.एन. सोनी बुधवार को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के तहत जिला निष्पादक समिति की बैठक में उपस्थित शिक्षा संस्थानों के अधिकारियों एवं प्रधानाध्यापकों को निर्देशित कर रहे थें। उन्होनें कहा कि जिले में रमसा के तहत विभिन्न विद्यालयों के भवन निर्माण, कक्षा कक्षों तथा मॉडल स्कूलों आदि के निर्माण कार्यो में ठेकेदार द्वारा किये जाने वाले कार्य पर सतत् रूप से निगरानी रखते हुए गुणवत्ता व समय सीमा में किसी भी प्रकार की अनदेखी नही की जानी चाहिए। उन्होनें रमसा के अभियन्ता को निर्देशित किया कि वे जिले में चल रहे सभी कार्यो का योजनाबद्व तरीके से निरीक्षण करें तथा निरीक्षण रिपोर्ट अपने उच्चाधिकारियों को भी भिजवाये वही प्रभारी अधिकारी भी अभियन्ता की निरीक्षण डायरी का अवलोकन करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन भी करें। यदि सम्बन्धित ठेकेदार द्वारा कार्य निर्धारित समय के अनुरूप नही किया जा रहा है तो उसे नोटिस भी जारी करें ताकि समय पर कार्य पूर्ण हो सकें।      
                     उन्होनें कहा कि संस्था प्रधान विद्यालयों में शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के साथ ही उनमें आवश्यक पानी
, हाथ धोने के लिए साबुन एवं मग आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित करें। उन्होनें समीक्षा के दौरान विद्यालयों में नामांकन की चर्चा के दौरान कहा कि विद्यालयोें में गत वर्ष पढ रहे बच्चों की संख्या को शामिल करते हुए न्यूनतम दस प्रतिशत से अधिक नामांकन वृद्धि के साथ ही बालिका शिक्षा को बढावा देने की दिशा में सार्थक कार्य करना होगा।  उन्होनें समीक्षा के दौरान आदर्श विद्यालयों में आईसीटी लेब की प्रगति पर अंसतोष व्यक्त करते हुए उपस्थिति संस्था प्रधानों का कहा कि वे स्वयं कम्प्यूटर एवं इन्टरनेट का उपयोग विद्यालय में शैक्षणिक कार्यो के लिए करने के साथ ही विद्यार्थियों को एक दिन कम्प्यूटर से पाठ्य सामग्री डाउनलोड कर उन्हें पढायें। 
        
                बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) ललित शंकर आमेटा
, जिला शिक्षा अधिकारी(प्रारभ्भिक) आर.के.मीना ने भी अपने सुझाव दिये वही अतिरिक्त जिला परियोजना समन्यक प्रकाश चौधरी ने गत माह के दौरान अर्जित प्रगति की जानकारी दी। बैठक में विभिन्न नोडल स्कूलों के प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक आदि उपस्थित थें। 
  



Post a Comment

Previous Post Next Post

Contact Form