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<title>Jalore Live &#45; : जालोर</title>
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<description>Jalore Live &#45; : जालोर</description>
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<dc:rights>© 2026 Jalore Live &#45; All Rights Reserved.</dc:rights>

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<title>वेड़िया गांव में दो पक्षों में झड़प, NH&#45;925A पर वाहनों में तोड़फोड़; तीन घायल</title>
<link>https://www.jalorelive.com/jalore/sanchore/jalore-vediya-village-clash-nh-925a-three-injured-two-detained</link>
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<description><![CDATA[ साइड को लेकर एक दिन पहले हुए विवाद ने बुधवार दोपहर हिंसक रूप ले लिया; पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया, पांच वाहन जब्त। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 28 May 2026 02:01:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>NewsDesk</dc:creator>
<media:keywords>Jalore Clash, Vediya Village, Nh 925a Incident, Rajasthan Violence, Police Action</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<div>
<div class="standard-markdown grid-cols-1 grid [&amp;_&gt;_*]:min-w-0 gap-3 standard-markdown">
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]"><strong>सरवाना/सांचौर:</strong> राजस्थान के जालोर जिले के सरवाना थाना क्षेत्र अंतर्गत वेड़िया गांव में बुधवार दोपहर नेशनल हाईवे 925A पर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए और कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। पुलिस के अनुसार, यह विवाद एक दिन पहले गाड़ी की साइड देने को लेकर हुई कहासुनी से उपजा था और बुधवार को टक्कर की घटना के बाद हिंसा में बदल गया।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन हरकत में आया। <strong>जालोर पुलिस</strong> ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से जारी बयान में पुष्टि की कि "आपसी विवाद के बाद हुए झगड़े की सूचना पर CO सांचौर व SHO पुलिस थाना सरवाना मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों द्वारा घटना के संबंध में परस्पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है। घायलों का मेडिकल करवाया गया। पुलिस द्वारा 2 लोगों को डिटेन तथा 5 वाहनों को जब्त किया गया।"</p>
<h2 class="text-text-100 mt-3 -mb-1 text-[1.125rem] font-bold">एक दिन पहले शुरू हुआ था विवाद</h2>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">सरवाना थानाधिकारी मोहनराम कुमावत के अनुसार, मंगलवार को सरवाना के भीमगुड़ा निवासी भजनलाल और बाड़मेर जिले के बाखासर क्षेत्र के चितरड़ी सेड़वा निवासी रघुनाथराम के बीच गाड़ी की साइड देने को लेकर बहस हुई थी। बुधवार को मामला तब बिगड़ा जब वेड़िया बाजार से गाधव की ओर जा रही बिना नंबर प्लेट की एक पिकअप गाड़ी ने मगाराम की दुकान के बाहर मरम्मत के लिए खड़ी भजनलाल की आई-20 कार को टक्कर मार दी।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">पुलिस ने बताया कि इसके बाद इसी पिकअप ने मगाराम के कैंपर वाहन को भी टक्कर मारी। आरोप है कि यह पिकअप रघुनाथराम की थी।</p>
<h2 class="text-text-100 mt-3 -mb-1 text-[1.125rem] font-bold">हाईवे पर पथराव, लाठियों से वाहनों के कांच तोड़े</h2>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">टक्कर की घटना के तुरंत बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और हाईवे पर ही मारपीट शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाठियों से वाहनों के शीशे तोड़े गए तथा कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">मारपीट में किसनाराम के पुत्र भजनलाल, हरिंगाराम के पुत्र भजनलाल तथा मगाराम के पुत्र सोहनलाल घायल हो गए। दूसरे पक्ष से रामचंद्रराम के पुत्र दयाराम को भी चोटें आईं। दुकान मालिक मगाराम ने घर के अंदर जाकर अपनी जान बचाई।</p>
<h2 class="text-text-100 mt-3 -mb-1 text-[1.125rem] font-bold">पुलिस कार्रवाई: दो गिरफ्तार, पांच वाहन जब्त</h2>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">दोपहर 2:15 बजे सूचना मिलने पर डूंगरी पुलिस चौकी और सरवाना थाने की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। सरवाना थाना के CI मोहनलाल कुमावत के अनुसार, पुलिस ने मौके से दयाराम और पप्पूराम को हिरासत में लिया है तथा बिना नंबर प्लेट की दो गाड़ियों सहित कुल पांच क्षतिग्रस्त वाहन थाने ले जाए गए हैं।</p>
<p class="font-claude-response-body break-words whitespace-normal leading-[1.7]">घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। दोनों पक्षों से क्रॉस-FIR की प्रक्रिया चल रही है।</p>
</div>
</div>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पशुधन उत्थान की दिशा में अहम कदम: पशुपालन निदेशक डॉ. मीणा ने योजनाओं की प्रगति पर की समीक्षा</title>
<link>https://www.jalorelive.com/jalore/animal-husbandry-director-meena-reviews-scheme-progress</link>
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<description><![CDATA[ पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. मीणा ने विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा बैठक की, किसानों के लाभ पर जोर दिया। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 24 May 2026 18:26:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Animal Husbandry, Scheme Review, Livestock Development, Rajasthan, Dr. Meena, Farmer Welfare, Government Initiatives, Rural Economy</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<h2>Key Highlights</h2>
<ul>
<li>पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. मीणा ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।</li>
<li>बैठक का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों तक योजनाओं का सीधा व प्रभावी लाभ सुनिश्चित करना था।</li>
<li>अधिकारियों को क्रियान्वयन में तेजी लाने और पारदर्शिता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए।</li>
</ul>
<p>राजस्थान के पशुधन क्षेत्र में सुधार और विकास के उद्देश्य से, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. मीणा ने हाल ही में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, उनकी वर्तमान स्थिति और पशुपालकों तक पहुंच के पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, बैठक में खास तौर पर पशुपालकों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं, जैसे मंगला पशु बीमा योजना, मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू) सेवाओं और सेक्स सॉर्टेड सीमन के उपयोग पर जोर दिया गया। निदेशक डॉ. मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों तक पहुंचाया जाए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और पशुधन स्वास्थ्य में सुधार हो सके।</p>
<h2>योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल</h2>
<p>बैठक के दौरान, निदेशक ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विभाग की हर योजना का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और पशुपालकों के जीवन स्तर को उठाना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने और लाभार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए। यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर वास्तविक धरातल पर बदलाव दिखाई दे।</p>
<p>डॉ. मीणा ने पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उनका कहना था कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी पशुओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध हो, इसके लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। पशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम और टीकाकरण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया।</p>
<h2>तकनीकी नवाचार और किसान सहभागिता</h2>
<p>समीक्षा बैठक में आधुनिक तकनीकों, विशेषकर सेक्स सॉर्टेड सीमन के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी बात हुई। यह तकनीक उच्च गुणवत्ता वाली मादा बछड़ों के जन्म को सुनिश्चित करने में सहायक है, जिससे दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सकती है। निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को इन तकनीकों के फायदों से अवगत कराएं और उन्हें अपनाने के लिए प्रेरित करें।</p>
<p>निदेशक ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से समझें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे। ऐसे प्रशासनिक निर्णयों और उनके सफल क्रियान्वयन के लिए अक्सर कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता की आवश्यकता होती है, जैसा कि <a href="https://www.jalorelive.com/lifestyle/light-on-unique-contribution-of-mr" target="_blank" rel="noopener">श्री मनन कुमार मिश्रा जी के अद्वितीय योगदान</a> में देखा गया है, जो किसी भी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।</p>
<h2>भविष्य की रणनीति और चुनौतियां</h2>
<p>आगामी समय में पशुपालन विभाग की प्राथमिकताएं क्या होंगी, इस पर भी बैठक में मंथन हुआ। अधिकारियों को वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। पशुपालन क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन और नई बीमारियों जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए भी विभाग को तैयार रहने को कहा गया।</p>
<p>इस समीक्षा बैठक को पशुधन विकास और ग्रामीण उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से राजस्थान में पशुपालन क्षेत्र को नई गति मिलेगी और हजारों पशुपालकों को इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा।</p>
<h3>Share Your Opinion!</h3>
<p>पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आपके क्या सुझाव हैं? अपनी राय हमसे साझा करें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गिव&#45;अप अभियान की अवधि 28 फरवरी तक बढ़ी, अपात्र लाभार्थी हटा सकेंगे अपना नाम</title>
<link>https://www.jalorelive.com/jalore/the-give-it-up-campaign-period-has-been</link>
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<description><![CDATA[  गिव-अप अभियान की अवधि 28 फरवरी तक बढ़ी, अपात्र लाभार्थी हटा सकेंगे अपना नाम जालोर 1 जनवरी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत चयनित सक्षम व्यक्तियों से नाम पृथक करवाने के लिए चलाए जा रहे ‘गिव-अप अभियान’ की अवधि को 28 फरवरी, 2026 तक बढ़ाया गया है ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Jan 2026 20:54:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Jalore</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<br /><p></p><p><span>गिव-अप अभियान की अवधि 28 फरवरी तक बढ़ी, अपात्र लाभार्थी हटा सकेंगे अपना नाम</span></p><div>जालोर 1 जनवरी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत चयनित सक्षम व्यक्तियों से नाम पृथक करवाने के लिए चलाए जा रहे ‘गिव-अप अभियान’ की अवधि को 28 फरवरी, 2026 तक बढ़ाया गया है।</div><div>जिला रोजगार अधिकारी आलोक झरवाल ने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत चयनित पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह निर्धारित प्रावधानानुसार गेहूँ का वितरण किया जाता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत सक्षम व्यक्तियों की ओर से स्वेच्छा से नाम पृथक करवाने के लिए 1 नवम्बर, 2024 को शुरू हुए गिव अप अभियान की अवधि 28 फरवरी, 2026 तक बढ़ाई गई है। यदि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में 28 फरवरी, 2026 तक स्वेच्छा से नाम नहीं हटवाए जाते हैं तो उसके पश्चात् विभाग द्वारा अभियान चलाया जायेगा। अभियान में नाम स्वेच्छा से नाम पृथक नहीं करवाने वाले लाभार्थियों के विरूद्ध खाद्यान्न की बाजार दर से वसूली के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही की जायेगी।&nbsp;</div><div><br /></div><div><span>इन श्रेणियों के व्यक्ति होंगे अपात्र&nbsp;</span></div><div><span><br /></span></div><div><span><span></span>विभागीय निर्देशानुसार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवार जिसमें कोई आयकरदाता हो, जिसका कोई सदस्य सरकारी/अर्द्धसरकारी/स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारी-अधिकारी हो, एक लाख रू. वार्षिक से अधिक पेंशन प्राप्त करता हो एवं परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर जो कि जीवकोपार्जन में प्रयुक्त हो) निष्कासन सूची में आते है।&nbsp;</span></div><div><span><br /></span></div><div><span>ऐसे हटवा सकते हैं अपना नाम</span></div><div><span><br /></span></div><div><span><span></span>योजना से नाम हटाने के लिए 28 फरवरी, 2026 तक संबंधित व्यक्ति को अपनी उचित मूल्य दुकान पर जाकर निर्धारित फार्म भरना होगा अथवा जिला रसद अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। इस प्रक्रिया के तहत उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत आने के लिए अयोग्य है और स्वेच्छा से योजना से बाहर हो रहे है। विभागीय वेबसाइट <a href="https://rrcc.rajasthan.gov.in">https://rrcc.rajasthan.gov.in</a>&nbsp; पर भी नाम हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते है।&nbsp;</span></div><div><span><br /></span></div><div><span>नाम नहीं हटाने पर अपात्र व्यक्तियों के विरूद्ध होगी कार्रवाई</span></div><div><span><br /></span></div><div><span><span></span>जो व्यक्ति स्वेच्छा से गिव-अप करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी, 2026 तक अपना नाम योजना से नहीं हटाएंगे, उनके विरूद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे व्यक्तियों से उनके द्वारा प्राप्त खाद्यान्न की बाजार दर से वसूली करने के साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनके विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</span></div>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सांचौर जिला निरस्तीकरण का विरोध 20वें दिन जारी: पूर्व राज्यमंत्री के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने दिया धरना</title>
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<description><![CDATA[  सांचौर. राजस्थान सरकार द्वारा सांचौर जिले को रद्द करने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन 20वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को गोलासन गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने पूर्व राज्यमंत्री सुखराम बिश्नोई के नेतृत्व में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने इस फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए सांचौर जिले को ब ]]></description>
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<pubDate>Sat, 18 Jan 2025 14:22:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Sanchore</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<br /><p></p><p><strong>सांचौर.&nbsp;</strong>राजस्थान सरकार द्वारा सांचौर जिले को रद्द करने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन 20वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को गोलासन गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने पूर्व राज्यमंत्री सुखराम बिश्नोई के नेतृत्व में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने इस फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए सांचौर जिले को बहाल करने की मांग की।</p><p>पूर्व राज्यमंत्री सुखराम बिश्नोई ने कहा कि सरकार का यह निर्णय जनता की भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा, "हम इस अन्यायपूर्ण निर्णय के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे और सांचौर जिले को फिर से स्थापित करवाएंगे।"</p><p>धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा 28 दिसंबर 2024 को घोषित सांचौर जिला वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा निरस्त कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि किन मानदंडों पर यह निर्णय लिया गया, क्योंकि आबादी और भौगोलिक दूरी के आधार पर सांचौर जिला अत्यंत महत्वपूर्ण था।</p><p>ग्रामीणों ने अन्य नवगठित जिलों जैसे डीग, खैरथल, और सलूम्बर के उदाहरण दिए, जो आबादी के हिसाब से सांचौर के समकक्ष हैं। साथ ही, उनकी भौगोलिक निकटता को ध्यान में रखते हुए उन्हें जिले का दर्जा दिया गया। डीग भरतपुर से 35 किमी, खैरथल अलवर से 45 किमी, और सलूम्बर उदयपुर से 70 किमी दूर हैं। इसके विपरीत, सांचौर जालौर से 145 किमी और अंतिम गांव आकोड़िया रणखार से 250 किमी की दूरी पर है।</p><p>प्रदर्शनकारियों ने रामलुभाया कमेटी का हवाला देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने दूरी और जनसंख्या जैसे तथ्यों को ध्यान में रखकर जिले बनाए थे। लेकिन वर्तमान सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से अनुचित और बिना किसी ठोस आधार के है।</p><p>धरने में जिला बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट भीमाराम चौधरी, हिंदू सिंह दूठवा, अर्जुन देवासी (पूर्व विधानसभा यूथ कांग्रेस अध्यक्ष), हिराराम देवासी, नरसीराम देवासी, वीरमाराम भील, भगराज देवासी, भगाराम मेघवाल, रणछोड़ाराम, मफाराम देवासी, और अन्य प्रमुख ग्रामीण नेता मौजूद रहे।</p><p>धरने में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर इस लड़ाई को जारी रखने का संकल्प लिया और सरकार से सांचौर जिले को बहाल करने की अपील की। ग्रामीणों ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती।</p><p>इस विरोध प्रदर्शन में ग्रामीणों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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